शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड का खुलासा, भाई ही निकला मास्टरमाइंड
Shimla's Manisha Mittal murder case solved
शिमला। Shimla's Manisha Mittal murder case solved, शिमला स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी है। मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। इसी प्रॉपर्टी के लिए हिमांक ने बहन मनीषा की सुपारी देकर हत्या करवा दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि भाई हिमांक ने साढ़े आठ लाख रुपये में बहन की सुपारी दी थी।
स्कूल गेट पर की थी मनीषा की हत्या
मनीषा की स्कूल गेट के पास दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिमला पुलिस ने स्पेशल टीम गठित कर उन्हें हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में भेजा गया तथा खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया था। जिस स्कूल गेट के बाहर मनीषा की हत्या की गई, इसी के संचालन को लेकर भाई और बहन में विवाद था।
घटना के बाद विदेश भाग गया था गोविंद
घटना के बाद गोविंद फरार हो गया था। पुलिस से बचने के लिए वह विदेश चला गया और अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया था। लगातार प्रयासों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 31 वर्षीय गोविंद निवासी रोहतक को वहां से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को कोर्ट से 4 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपित ने स्वीकार किया है कि मनीषा मित्तल की हत्या उसी ने करवाई थी।
बैंक ट्रांजेक्शन से पकड़ में आए शातिर
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में ₹8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। जांच में एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि हिमांक ही इस हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड था और हिमांक ने गोविंद के साथ मिलकर, दीपक व आशीष को इस वारदात को अंजाम देने के लिए नियुक्त किया। पुलिस ने इसके आधार पर आरोपित 33 वर्षीय हिमांक मित्तल निवासी रोहतक हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया।
गोविंद ने किराये पर दी थी कार
हत्या को अंजाम देने वाले आरोपित हरियाणा से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला आए थे। जांच में पाया गया कि गोविंद ने घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराये पर लेकर दोनों शूटरों को उपलब्ध करवाई थी।
वारदात से पहले शिमला आए थे गोविंद और शूटर
यह भी सामने आया कि गोविंद ने आरोपित दीपक को पैसे ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा, घटना से कुछ दिन पहले गोविंद, दीपक और आशीष अहलावत की लोकेशन शिमला में पाई गई।